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देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 मई 2026 से ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू हो गई है। यह बढ़ोतरी लंबे समय बाद ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल के दाम करीब चार साल में पहली बार इस तरह बढ़ाए गए हैं। नई कीमतों के बाद दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर हो गया है।
दिल्ली में कितना महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल?
नई बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल का भाव ₹94.77 से बढ़कर ₹97.77 प्रति लीटर हो गया है। वहीं डीजल का भाव ₹87.67 से बढ़कर ₹90.67 प्रति लीटर पहुंच गया है। यानी दोनों ईंधनों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। Indian Express ने PTI के हवाले से बताया कि तेल विपणन कंपनियों ने वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा ग्राहकों तक पास किया है।
आज से लागू हुए नए दाम
यह बढ़ोतरी तुरंत प्रभाव से लागू की गई है। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, 15 मई से पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू हुई है। इसका असर देश के कई बड़े शहरों में दिखा है। ईंधन की कीमतें शहर और राज्य के हिसाब से अलग-अलग रहती हैं, क्योंकि इनमें स्थानीय टैक्स और वैट का असर भी जुड़ता है।
बढ़ोतरी के पीछे क्या वजह बताई गई?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और तेल कंपनियों पर बढ़ता दबाव माना जा रहा है। Reuters ने बताया कि वैश्विक crude oil prices में उछाल के कारण सरकारी तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ा था। इसी वजह से पेट्रोल और डीजल के retail prices में बदलाव किया गया।
आम लोगों की जेब पर पड़ेगा असर
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर सीधे आम लोगों पर पड़ता है। जिन लोगों का रोजाना सफर बाइक, कार या अन्य वाहन से होता है, उनके मासिक खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है। ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन रोज वाहन चलाने वाले लोगों के लिए यह खर्च धीरे-धीरे बजट पर असर डाल सकता है। खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र, छोटे कारोबारी और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालक इससे प्रभावित होंगे।
माल ढुलाई और परिवहन लागत भी बढ़ सकती है
डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ निजी वाहनों तक सीमित नहीं रहता। ट्रक, बस, मालवाहक वाहन और कई commercial vehicles डीजल पर चलते हैं। ऐसे में डीजल महंगा होने से transport cost बढ़ सकती है। जब माल ढुलाई महंगी होती है, तो उसका असर धीरे-धीरे बाजार की अन्य चीजों पर भी दिख सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर कितनी तेजी से और कितना दिखाई देगा, यह बाजार की स्थिति और व्यापारियों के फैसलों पर निर्भर करेगा।
बड़े शहरों में नए रेट
Times of India की city-wise report के अनुसार, दिल्ली के अलावा मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी ईंधन के नए भाव लागू हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मुंबई में पेट्रोल ₹106.68 और डीजल ₹93.14 प्रति लीटर, कोलकाता में पेट्रोल ₹108.74 और डीजल ₹95.13 प्रति लीटर, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹103.67 प्रति लीटर बताया गया है। शहरों में कीमतों का अंतर स्थानीय टैक्स और अन्य शुल्कों की वजह से होता है।
तेल कंपनियों पर दबाव का जिक्र
Reuters की रिपोर्ट में बताया गया कि सरकारी तेल कंपनियां लंबे समय से retail rates को स्थिर रखने के कारण दबाव झेल रही थीं। भारत में Indian Oil, HPCL और BPCL जैसी सरकारी कंपनियां fuel retail market में बड़ी भूमिका निभाती हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल महंगा होता है और घरेलू कीमतें लंबे समय तक नहीं बदलतीं, तो कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।
महंगाई पर कितना असर पड़ेगा?
ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर महंगाई से भी जुड़ा होता है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से लोगों के travel cost और transport cost में बढ़ोतरी हो सकती है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, इस बढ़ोतरी का consumer price inflation पर तुरंत सीधा असर सीमित हो सकता है, लेकिन broader economic impact ज्यादा अहम माना जा रहा है। यानी आने वाले समय में इसका असर अलग-अलग क्षेत्रों में धीरे-धीरे दिखाई दे सकता है।
CNG के दामों में भी बदलाव की रिपोर्ट
कुछ रिपोर्ट्स में CNG के दाम बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है। Times of India के अनुसार, दिल्ली-NCR में CNG के दाम ₹2 बढ़ाकर ₹79.09 प्रति किलो किए गए हैं। हालांकि, यह खबर पेट्रोल-डीजल की बढ़ोतरी से अलग है, लेकिन ईंधन खर्च के लिहाज से आम लोगों के लिए यह भी महत्वपूर्ण अपडेट है।
लोगों को क्या करना चाहिए?
ईंधन के दाम बढ़ने के बाद लोगों को अपने daily travel budget पर फिर से ध्यान देना पड़ सकता है। जो लोग रोजाना लंबी दूरी तय करते हैं, वे carpooling, public transport या fuel-efficient driving जैसे विकल्पों पर विचार कर सकते हैं। वाहन की समय पर servicing, tyre pressure सही रखना और बेवजह वाहन स्टार्ट न रखना भी fuel saving में मदद कर सकता है। छोटे-छोटे बदलाव महीने के खर्च में राहत दे सकते हैं।
शहर के हिसाब से कीमत जरूर जांचें
पेट्रोल और डीजल के दाम हर शहर में एक जैसे नहीं होते। राज्य सरकारों के टैक्स, वैट और local charges की वजह से rates अलग-अलग दिखते हैं। इसलिए वाहन में fuel भरवाने से पहले अपने शहर का ताजा rate जरूर देखना चाहिए। कई oil companies की official apps और petrol pump पर display board के जरिए latest rate पता किया जा सकता है
| State / UT | Petrol ₹/L | Diesel ₹/L |
|---|---|---|
| Andaman & Nicobar | ₹84.99 | ₹80.64 |
| Andhra Pradesh | ₹113.03 | ₹100.71 |
| Arunachal Pradesh | ₹93.88 | ₹83.28 |
| Assam | ₹101.21 | ₹92.50 |
| Bihar | ₹108.55 | ₹94.63 |
| Chandigarh | ₹97.27 | ₹85.25 |
| Chhattisgarh | ₹103.56 | ₹96.55 |
| Dadra & Nagar Haveli, Daman & Diu | ₹95.33 | ₹90.91 |
| Delhi | ₹97.77 | ₹90.67 |
| Goa | ₹99.76 | ₹91.49 |
| Gujarat | ₹97.95 | ₹93.73 |
| Haryana | ₹98.95 | ₹91.41 |
| Himachal Pradesh | ₹98.31 | ₹90.28 |
| Jammu & Kashmir | ₹99.83 | ₹88.52 |
| Jharkhand | ₹100.84 | ₹95.76 |
| Karnataka | ₹106.21 | ₹94.10 |
| Kerala | ₹110.58 | ₹99.35 |
| Ladakh | ₹106.05 | ₹90.95 |
| Lakshadweep | ₹103.51 | ₹98.54 |
| Madhya Pradesh | ₹109.71 | ₹94.88 |
| Maharashtra | ₹106.68 | ₹93.14 |
| Manipur | ₹102.28 | ₹88.15 |
| Meghalaya | ₹98.86 | ₹90.12 |
| Mizoram | ₹102.11 | ₹90.80 |
| Nagaland | ₹99.97 | ₹91.36 |
| Odisha | ₹104.19 | ₹95.74 |
| Puducherry | ₹99.25 | ₹89.39 |
| Punjab | ₹101.19 | ₹90.97 |
| Rajasthan | ₹107.97 | ₹93.23 |
| Sikkim | ₹106.50 | ₹93.40 |
| Tamil Nadu | ₹103.67 | ₹95.25 |
| Telangana | ₹110.89 | ₹98.96 |
| Tripura | ₹100.61 | ₹89.50 |
| Uttar Pradesh | ₹97.55 | ₹90.82 |
| Uttarakhand | ₹96.23 | ₹91.35 |
| West Bengal | ₹108.70 | ₹95.13 |
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निष्कर्ष
कुल मिलाकर, 15 मई 2026 से पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी लागू हो गई है। दिल्ली में पेट्रोल ₹97.77 और डीजल ₹90.67 प्रति लीटर हो गया है। यह बढ़ोतरी लंबे समय बाद ईंधन कीमतों में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। इसके पीछे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और तेल कंपनियों पर बढ़ते दबाव को बड़ी वजह बताया जा रहा है। आम लोगों, वाहन चालकों और transport sector पर इसका असर आने वाले दिनों में और साफ दिखाई दे सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी पर आपकी क्या राय है? क्या इससे आम लोगों के महीने के बजट पर ज्यादा असर पड़ेगा?
