
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित Mewar University में 10 मार्च 2026 को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब कुछ छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कैंपस के अंदर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। इस घटना के बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।
कहाँ और कब हुई घटना
यह घटना राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कैंपस में हुई। यह विश्वविद्यालय देश के बड़े निजी विश्वविद्यालयों में से एक माना जाता है और यहां भारत के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी छात्र पढ़ाई करने आते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 10 मार्च 2026 की दोपहर के समय कैंपस में अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। शुरुआत में यह मामला सिर्फ छात्रों के विरोध तक सीमित था, लेकिन धीरे-धीरे यह विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को बुलाना पड़ा।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
जानकारी के अनुसार कुछ छात्र अपनी कुछ मांगों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बताया जा रहा है कि छात्रों का कहना था कि उनकी समस्याओं को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।
इसी वजह से छात्रों का एक समूह यूनिवर्सिटी कैंपस में इकट्ठा हुआ और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। शुरुआत में यह विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी और माहौल गरम हो गया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्थिति को बिगड़ते देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी ताकि स्थिति को संभाला जा सके।
पुलिस के पहुंचते ही बढ़ गया तनाव
सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम तुरंत यूनिवर्सिटी कैंपस पहुंची। पुलिस ने छात्रों को समझाने और शांत करने की कोशिश की, लेकिन कुछ छात्रों ने पुलिस की मौजूदगी का विरोध करना शुरू कर दिया।
इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच तेज बहस शुरू हो गई। कुछ देर बाद यह बहस धक्का-मुक्की में बदल गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान:
- कुछ छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई जैसी स्थिति बन गई
- कुछ छात्रों ने गुस्से में पुलिसकर्मियों की वर्दी पकड़ ली
- कैंपस के कई हिस्सों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया
कुछ समय के लिए पूरा विश्वविद्यालय परिसर तनाव के माहौल में बदल गया।
पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 15 से 17 छात्रों को हिरासत में ले लिया। इन छात्रों को पूछताछ के लिए पुलिस थाने ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिन छात्रों ने कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की है उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
हालांकि बाद में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया और कैंपस में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का बयान
घटना के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बयान जारी करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में शांति और अनुशासन बनाए रखना सबसे जरूरी है।
प्रशासन के अनुसार:
- कुछ छात्रों ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू किया
- स्थिति बिगड़ने के कारण पुलिस को बुलाना पड़ा
- विश्वविद्यालय में पढ़ाई का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा
प्रशासन ने यह भी कहा कि पूरे मामले की आंतरिक जांच की जाएगी।
पुलिस क्या कह रही है
पुलिस अधिकारियों के अनुसार उनका मकसद सिर्फ स्थिति को शांत करना और कानून व्यवस्था बनाए रखना था।
पुलिस ने बताया कि:
- कुछ छात्रों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया
- झड़प के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया
- फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है
पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और कैंपस में अतिरिक्त सुरक्षा भी तैनात कर दी गई है।
छात्रों और स्थानीय लोगों में चर्चा
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के छात्रों और आसपास के लोगों में इस मामले को लेकर काफी चर्चा हो रही है। कई लोग इस बात से हैरान हैं कि एक शैक्षणिक संस्थान में विवाद इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कुछ छात्रों का कहना है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया, जबकि प्रशासन का कहना है कि विरोध अनावश्यक रूप से उग्र हो गया था।
आपकी क्या राय है?
मेवाड़ यूनिवर्सिटी में छात्रों और पुलिस के बीच हुई इस घटना को लेकर आपकी क्या राय है? क्या छात्रों का विरोध सही था या मामला जरूरत से ज्यादा बढ़ गया? इस पूरे मामले पर आप क्या सोचते हैं, हमें कमेंट में जरूर बताएं। आपकी राय इस मुद्दे पर बड़ी चर्चा की शुरुआत कर सकती है।
