कर्फ्यू के बीच गोलीबारी! मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स में पुलिस फायरिंग से 2 की मौत, इलाके में तनाव- full report

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10 मार्च 2026 को पूर्वोत्तर भारत के राज्य मेघालय के वेस्ट गारो हिल्स जिले में उस समय हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए जब कर्फ्यू के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव हो गया। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फायरिंग करनी पड़ी। इस फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोग घायल भी हुए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और तनाव का माहौल बन गया और प्रशासन को तुरंत सख्त कदम उठाने पड़े।


कहाँ हुई घटना

यह घटना वेस्ट गारो हिल्स जिले के चिबिनांग (Chibinang) इलाके में हुई। यह इलाका मेघालय के उन संवेदनशील क्षेत्रों में माना जाता है जहां सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर अक्सर तनाव की स्थिति बन जाती है।

पिछले कुछ दिनों से यहां गारो हिल्स ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (GHADC) चुनाव को लेकर विवाद चल रहा था। कई स्थानीय संगठन और समूह चुनाव से जुड़े कुछ मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन को आशंका थी कि स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए इलाके में पहले ही सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।


कब और कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद

जानकारी के अनुसार 9 मार्च 2026 की रात से ही प्रशासन ने कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया था। यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि विरोध प्रदर्शन और संभावित हिंसा को रोका जा सके।

लेकिन 10 मार्च 2026 की सुबह कुछ लोग कर्फ्यू के बावजूद सड़कों पर इकट्ठा हो गए। बताया जाता है कि वे लोग चुनाव से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करना चाहते थे। धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी और नारेबाजी शुरू हो गई।


पुलिस और भीड़ के बीच बढ़ा तनाव

जब पुलिस को यह जानकारी मिली कि कर्फ्यू के बावजूद लोग सड़कों पर जमा हो रहे हैं, तो पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों से वहां से हटने और घर लौटने की अपील की।

शुरुआत में पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कुछ प्रदर्शनकारियों ने विरोध जारी रखा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार भीड़ के कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी भी की, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।


पुलिस को करनी पड़ी फायरिंग

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले भीड़ को हटाने के लिए चेतावनी दी और हल्का बल प्रयोग भी किया। लेकिन जब भीड़ काबू में नहीं आई और हालात बिगड़ने लगे, तब पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी

इस फायरिंग में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा कई अन्य लोग घायल भी हुए, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।


प्रशासन ने तुरंत उठाए सख्त कदम

घटना के बाद प्रशासन ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया।

प्रशासन द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:

  • पूरे वेस्ट गारो हिल्स जिले में कर्फ्यू और सख्त कर दिया गया
  • बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए
  • कई संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च कराया गया
  • अफवाहों को रोकने के लिए कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद की गईं
  • प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की

प्रशासन और स्थानीय नेताओं की बैठक

घटना के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति को शांत करने के लिए स्थानीय नेताओं, सामाजिक संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की

इस बैठक में लोगों से अपील की गई कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। प्रशासन ने यह भी कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके।


पूरे इलाके में डर और तनाव

दो लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बन गया। कई जगह लोगों ने इस घटना को लेकर नाराजगी भी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की।

फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन सुरक्षा बल अभी भी पूरे इलाके में तैनात हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

आपकी क्या राय है?

मेघालय में कर्फ्यू के दौरान हुई इस पुलिस फायरिंग और दो लोगों की मौत को लेकर आपकी क्या राय है? क्या प्रशासन की कार्रवाई सही थी या इस मामले को और शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सकता था? इस पूरे मामले पर आप क्या सोचते हैं, हमें कमेंट में जरूर बताएं। आपकी राय इस मुद्दे पर बड़ी चर्चा की शुरुआत कर सकती है।

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