प्रयागराज में कोल्ड स्टोरेज हादसा: फाफामऊ में बिल्डिंग गिरने से 4 मजदूरों की मौत, कई घायल

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घटना

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से 23 मार्च 2026 को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। फाफामऊ क्षेत्र में स्थित एक कोल्ड स्टोरेज का हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।

इस हादसे में अब तक 4 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। यह घटना न सिर्फ एक दुर्घटना है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।


कब और कहां हुआ हादसा?

तारीख: 23 मार्च 2026

समय: दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच

स्थान: फाफामऊ क्षेत्र, चंदापुर गांव, प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)

हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज में रोजमर्रा की तरह काम चल रहा था और कई मजदूर अंदर मौजूद थे।


हादसा कैसे हुआ?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोल्ड स्टोरेज की इमारत का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया।

बताया जा रहा है कि:

  • बिल्डिंग काफी पुरानी थी और उसकी हालत कमजोर हो चुकी थी
  • अंदर भारी मात्रा में सामान रखा हुआ था, जिससे दबाव बढ़ गया था
  • कुछ रिपोर्ट में अमोनिया गैस के रिसाव की भी आशंका जताई गई है

इन सभी कारणों के चलते अचानक छत और दीवार का हिस्सा गिर गया और वहां मौजूद मजदूर मलबे में दब गए।


मजदूरों की दर्दनाक मौत

हादसे के तुरंत बाद अफरा-तफरी मच गई। कई मजदूर मलबे के नीचे फंस गए और बाहर निकलने का मौका भी नहीं मिला।

रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाया, लेकिन तब तक 4 मजदूरों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और उनके परिवारों में शोक का माहौल है।


घायलों की हालत

इस हादसे में करीब 12 लोग घायल हुए हैं।

  • कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है
  • घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है

रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया।

मौके पर:

  • पुलिस
  • फायर ब्रिगेड
  • NDRF और SDRF की टीमें

तुरंत पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया गया।

जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला, जिसके बाद फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।


प्रशासन और सरकार की कार्रवाई

हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।

सरकार की ओर से:

  • मृतकों के परिवार को ₹2 लाख मुआवजा देने का ऐलान
  • घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता

साथ ही, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है।


लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • क्या बिल्डिंग की समय-समय पर जांच नहीं की गई?
  • क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था?
  • क्या ओवरलोडिंग की वजह से यह हादसा हुआ?

स्थानीय लोगों का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज की हालत पहले से ही खराब थी, लेकिन इसके बावजूद वहां काम जारी था।


व्यापक असर

ऐसे हादसे सिर्फ एक जगह की समस्या नहीं हैं, बल्कि पूरे देश में औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल उठाते हैं।

हर साल कई जगहों पर:

  • बिल्डिंग गिरने
  • फैक्ट्री हादसे
  • गैस रिसाव

जैसी घटनाएं सामने आती हैं, जो यह दिखाती हैं कि सुरक्षा को लेकर अभी भी काफी सुधार की जरूरत है।

🗣️ राय?

क्या आपको लगता है कि ऐसे औद्योगिक और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों को और सख्ती से लागू करने की जरूरत है? क्या समय-समय पर निरीक्षण और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है? अपनी राय जरूर बताएं।


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